ग्रामीणों के विरोध के चलते ग्राम विकास अधिकारी का हुआ तबादला
ग्रामीणों के विरोध के चलते ग्राम विकास अधिकारी का हुआ तबादला नरैना(जयपुर)गलत का विरोध करना सीख ले तो कोई राह कठिन नहीं होती। इसके लिये जरूरत होती है मेहनत व लगन की । इसी तरह का वाकया नरैना कस्बे के लोगों के साथ हुआ ओर स्थानीय निवासी रतनलाल शर्मा का अपनी ही गृह पंचायत मे नियम विरूद्ध लगे होने के कारण अन्यत्र तबादला करवा दिया। जानकारी के अनुसार दूदू पंचायत समिति के विकास अधिकारी नारायण सिंह ने पंचायत राज विभाग की नियमावली को दरकिनार करके 14 फरवरी को स्थानीय निवासी रतनलाल शर्मा का गृह पंचायत नरैना मे तबादला कर दिया था ।जिसकी सूचना पर प्रख्यात आरटीआई कार्यकर्ता व सूचना सिपाही से सम्मानित गौरीशंकर मालू के नेतृत्व मे जिला परिषद जयपुर की कार्यकारी अधिकारी, अति कार्यकारी अधिकारी, संभागीय आयुक्त व जिला कलेक्टर से मिलकर रतनलाल शर्मा को नियम विरुद्ध लगाये जाने,पूर्व मे भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितताओं मे लिप्त रहे जाने की लिखित शिकायत दी । उच्चाधिकारियों के दबाव के कारण गत दिवस दूदू पंस के विकास अधिकारी नारायण सिंह ने चुपचाप सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति नहीं होने के कारण का हवाला देकर रतनलाल शर्मा का नरैना पंचायत से हटाकर गंगातीकला पंचायत मे तबादला कर तीन दिन मे कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी कर दियें । ज्ञात रहें कि रतनलाल शर्मा तत्कालिन सरपंच सुशीला देवी टांक के कार्यकाल मे नरैना ग्राम पंचायत मे नियम विरूद्ध पदस्थापित रहकर सरपंच के साथ मिलकर भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितताओं मे लिप्त रहे थे । जिसमें स्वयं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जयपुर ने रतनलाल शर्मा को जांच मे दोषी पाया था ।जिसकी ग्रामीणों द्वारा शिकायत किये जाने पर रतनलाल शर्मा को उस समय नरैना पंचायत से हटाया गया था । वहीं अभी कुछ माह पूर्व पंचायत राज विभाग ने पूर्व सरपंच सुशीला देवी टांक को पांच वर्ष के लिये सरपंच का चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया ।ग्रामीणों मे यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है कि नरैना कस्बे मे रतनलाल शर्मा के अलावा लगभग चार-पांच जने ग्राम विकास अधिकारी पद पर अन्य पंचायतों मे कार्यरत है लेकिन केवल मात्र रतनलाल शर्मा ही नियम विरुद्ध अपनी गृह पंचायत मे क्यों लगना चाहते है । रतनलाल शर्मा के तबादले से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है ।