प्रेग्नेंसी में खर्राटे लेना नवजात के लिए हो सकता है खतरनाक
सोते वक्त खर्राटे लेना बहुत ही खराब माना जाता है। इससे एक तो साथ में सोने वाले व्यक्ति की नींद खराब होती है और दूसरा, इससे यह पता चलता है कि आपकी नींद पूरी नहीं हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खर्राटे लेने से बेबी की हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है? यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा हाल ही में की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि प्रेग्नेंसी में खर्राटे लेने से होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 1,673 उन महिलाओं पर शोध किया, जो 3 महीने की प्रेगनेंट थीं। इनमें से 35 फीसदी ऐसी थीं, जिन्हें सोते वक्त खर्राटे लेने की आदत थी। डिलिवरी के दौरान इन सभी महिलाओं की मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच की गई। इसमे सामने आया कि जो महिलाएं हफ्ते में तीन रातों से अधिक रातों में खर्राटे लेती थीं, उनकी डिलिवरी में काफी दिक्कतें आईं।
प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ शारीरिक समस्या और हॉर्मोन में असंतुलन के कारण महिलाएं खर्राटें लेना शुरू कर देती हैं। जो महिलाएं खर्राटें लेती हैं, उनको आगे कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पहला तो यह कि खर्राटें न लेने वाली महिलाओं की तुलना में इस तरह की महिलाओं के पैदा होने वाले बच्चों का वजन बाकी 90 फीसदी बच्चों की तुलना में कम होता है। इसके अलावा साधारण महिलाओं की तुलना में खर्राटें लेने वाली महिलाओं की सर्जरी से डिलिवरी होने की संभावना भी दोगुनी ज्यादा होती है।
वैसे प्रेग्नेंसी के दौरान खर्राटों से डरने की जरूरत नहीं है। डरने के बजाय उन चीजों पर फोकस करें जिनसे प्रेग्नेंसी हेल्दी रहे। अगर तीन दिन के बाद भी खर्राटे बंद न हों तो फिर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराएं।