गुलाम नहीं नवाब बनकर जिओ दुनिया :-सुरेश मीणा

गुलाम नहीं नवाब बनकर जिओ दुनिया :-सुरेश मीणा
 संविधान दुनिया का सबसे पवित्र ग्रंथ है:- मीना
 पचलंगी में मनाया 70 वाँ संविधान दिवस
उदयपुरवाटी उपखंड क्षेत्र के पचलंगी कस्बे के अंबेडकर चौक पर मंगलवार को 70 वर्ष पूर्ण होने पर संविधान दिवस धूम-धाम से मनाया गया इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एक दूसरे को बधाई व शुभकामनाएं दी इस मौके पर आदिवासी मीणा सेवा संघ के प्रदेश प्रधान सुरेश मीणा किशोरडरपुरा डा.रणजीत महरानिया ने कहा कि डॉ बाबासाहेब के  उत्कृष्ट योगदान का समरण किए बिना हमारे संविधान का उल्लेख अधूरा है उन्होंने  कि 26 नवंबर 1949 को आज ही के दिन देशवासी गुलामी की जंजीरों से आजाद हुए थे उन्होंने कहा कि हमें अपने संविधान पर गर्व है और उन्होंने मौजूद लोगों को शपथ दिलाई की डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के निर्देशन में बने इस देश के महत्वपूर्ण ग्रंथ माने जाने वाले संविधान  की मूल भावनाओं और प्रावधानों को निष्ठा पूर्वक पालन करेंगे और राष्ट्रीय एकता अखंडता और समरसता को बरकरार रखेंगे उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान को तैयार करने में बाबा साहब को 2 वर्ष 11 माह 18 दिनो का समय लगा था जो बड़ा ही कीमती समय था किशोरपुरा ने कहा कि बाबा साहब का एक पुराना कथन था जो आजकल पिक्चरों में  डायलॉग के रूप में चलता है वह कहते थे "गुलाम बनकर जिओगे तो लात मारेगी दुनिया और नवाब बनकर जिओगे तो सलाम ठोकगी दुनिया" इस मौके पर सेवानिवृत्ति बैंक मैनेजर जेपी जस्सी का बास, सुभाष पालीवाल प्रगति प्रसार अधिकारी उदयपुरवाटी, रामपाल किडवाल, भूपेंद्र बबेरवाल पंचायत समिति सदस्य, उपप्रधान मदनलाल भावरिया, डॉ राजेंद्र प्रसाद शर्मा, शिक्षा विध रतन लाल मीणा जोधपुरा अंबेडकर जागृति संस्थान के अध्यक्ष लीला राम मेघवाल, बी एस चोपड़ा  मेघवाल जागृति संस्थान  प्रदेश अध्यक्ष, डॉ रणजीत महरानिया ने भी  संविधान  दिवस पर खुलकर अपने विचार रखे इस मौके पर ओमप्रकाश सिरोलिया, भोलाराम बबेरवाल हंसराज कुमावत, मुकेश मीणा, दुर्गेश जांगिड़, मोहनलाल मोकरिया, किशोर कुमार मोकरिया, बाबूलाल दिनवाल, तिलक राज ग्रामसेवक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे l


सुमेर सिंह राव उदयपुरवाटी