अंचल मैं बनी फिल्म 'बाबो भात भरयो गुजरी को' फिल्म का ट्रेलर लॉन्च
*अंचल मैं बनी फिल्म 'बाबो भात भरयो गुजरी को' फिल्म का ट्रेलर लॉन्च*
*मशहूर फिल्म अभिनेता निर्देशक शिरिष कुमार, मोहन लाल कटारिया ,सुरेश मीणा खनेडा, सौरभ गुर्जर ,वंदना राणे जोगी सहित कई मुंबई एवं स्थानीय कलाकारों ने निभाई थी भूमिका*
*दादूपंथी परम सिद्ध संत श्री विजयराम दास के जीवन की सच्ची घटनाओं पर आधारित लाखों की लागत से बनी है शेखावाटी में पहली आध्यात्मिक राजस्थानी फिल्म*
*राजस्थानी फिल्म जगत में नया अध्याय लिखेगी यह फिल्म अगले माह होगी रिलीज*
*उदयपुरवाटी:-* शेखावाटी की जमीं पर ऐसे ऐसे संत हुए हैं जिनके चमत्कार के किस्से आज भी जन श्रुतियो में आए दिन सुनने को मिलते हैं, आज भी इस पावन धरा पर संत महंत मानव कल्याण का अलख जगा रहे हैं। एक कवि ने कहा है कि शेखावाटी की धरा है पावन तीर्थ घेर घुमेर, लूल लूल करू मै वंदना, जठे संत है चारों मेर !! ऐसी ही तपोभूमि पर महान दादूपंथी परम सिद्ध संत विजय रामदास के जीवन की सच्चाई पर आधारित फिल्म 'बाबो भात भरयो गुजरी को' राजस्थानी फिल्म का ट्रेलर लांच कर दिया गया है। फिल्म में रोल अदा करने वाले अभिनेता सुरेश मीणा किशोरपुरा(खनेडा) ने बताया कि पिछले 5 साल के कठोर परिश्रम और लाखों की लागत के बाद बनी इस फिल्म में बॉलीवुड के कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों ने भी भूमिका निभाई है । सुरेश मीणा ने बताया गुर्जर अणची मां प्रोडक्शनस के बेनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता मारवाड़ के प्रमुख राजनेता विधायक भैरू सिंह गुर्जर लेखक एवं निर्देशक राजस्थानी फिल्मों के भीष्म पितामह के रूप में पहचान रखने वाले और सैकड़ों सुपरहिट फिल्म देने वाले शिरीष कुमार, अभिनव शर्मा, छायाकन लक्ष्मण मोर, शोध लेखन सुरेश खांडल प्रमुख भूमिका में मशहूर फिल्म निर्माता निर्देशक एवं अभिनेता मोहन लाल कटारिया, सुरेश मीणा किशोरपुरा , श्याम यादव मूडूरू, विजय सिंह राठौड़, मुरारी शुक्ला, आनंद पिपराली, आलू सिंह, नंदकिशोर रूंथला, संजय सैनी, दीपक खंडेलवाल, पंकज खनेड़ा, मोहित स्वामी,राजेश खटाणा किशोरपुरा, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री वंदना राने जोगी, चंदा बगरानिया, नीलम मिश्रा, सुमन चांडक, अभिलाषा रणवा, ऑडियो सीडी श्री विजय राम सेवा संस्था एवं स्टोरी ताराचंद चिता प्रस्तुत कर्ता दादू दयाल महासभा है ! फिल्म की शूटिंग सितंबर 2008 में प्रसिद्ध महाभारत कालीन लोहार्गल तीर्थ में शूरु हुई थी ।फिल्म की शूटिंग छापोली ,मंडावरा गढ भोपजी ,गुढा, किशोरपुरा, लोहार्गल, चिराना ,नरेणा, मारवाड़, जंक्शन ऋषिकेश हरिद्वार इत्यादि स्थलों पर फिल्माई गई! यह राजस्थानी फिल्म लाखों की लागत से करीब 4 माह मैं पूरी की गई । मीणा ने बताया कि यह पहला मौका था किसी संत के जीवन पर इस अंचल में पहली बार ऐसी फिल्म का निर्माण हुआ है ,वहीं युग के मुताबिक ऐसी फिल्में कम ही देखने को मिलती हैं जिसमें एक परिवार के लोग सामूहिक रूप से एक साथ पिक्चर देख सके।हमारे हिंदू संस्कृति को जीवित करने के लिए यह पिक्चर देश प्रदेश में श्रजीवनी देने के साथ ही राजस्थानी फिल्म जगत के दबे उधोग को शिखर पर पहूँचाने का नया अध्याय लिखेगी । फिल्म को सेंसर बोर्ड मुंबई से स्वीकृति मिल चुकी है। और् दिसंबर माह के अंत तक सिनेमा घरों में रिलीज कर दी जाएगी। इस फिल्म को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा उदयपुर सिटी, व प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं देश में प्रवासी मारवाड़ीयों के लिए नजदीकी सिनेमाघरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शित किया जाएगा ।
सुमेर सिंह राव उदयपुरवाटी