बारह साल पुराने मुकदमे में छात्र संघ अध्यक्ष पूर्व विधायक रणवीर सिंह गुढा व मीनसेना के राष्ट्रीय प्रमुख सुरेश मीना किशोरपुरा सहित चार बरी

 


 


 


 


उदयपुरवाटी।गुढ़ागौड़जी। गुढा पावर  हाउस  पर बिजली की समस्याओं को लेकर अधिकरियों की  घेराबंदी


के एक बारह साल पुराने मामले मे कोर्ट ने   तत्कालीन विधायक एव राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघअध्यक्ष रणवीर सिंह गुढा ,आदिवासी श्री मीनसेना के राष्ट्रीय प्रमुख एवं राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ के प्रधान संयोजक सुरेश मीना किशोरपुरा सहित चार प्रमुख लोगो को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया है।सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक  मजिस्ट्रेट उदयपुरवाटी झुंझुनूं के पीठासीन अधिकारी रमेश करोल के द्वारा दिये गए फैसले में दर्शाया गया है कि 29 जुलाई 2006  को गुढा गोड़जी विधुत विभाग के सहायक अभियंता मूलचंद वर्मा ने झुंझुनू पुलिस अधीक्षक को एक रिपोर्ट दी थी जिसमे पूर्व विधायक  रणवीर सिंह गुढा आदिवासी नेता सुरेश मीना किशोरपुरा, प्रताप सिंह छवासरी,जमालुद्दीन मास्टर  ked, सरपंचप प्रभुदयाल ,भगीरथ मल सहित 20,,,,25 लोगो नेआकर बिजली विभाग  के दप्तर की घेराबंदी कर गलत काम करवाने का दबाब बनाया जो काम नियम विरुद्ध थे।बाद में इन लोगो ने  विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डरा धमकाकर ऑफिस  के गेट से बाहर निकल दिया। उक्त fir 176,,,,,106 में धारा,147,353,189 भा,द,स, जिबद्धकिया गया। बाद में सम्पूर्ण  तफ़्तीश अभियुक्त रणवीर  सिंह पुत्र माधो सिंह राजपूत निवासी गुड़।,,,सुरेश मीना पुत्र महावीर प्रसाद मीना निवासी किशोरपुरा,प्रभुदयाल पुत्र मालाराम  मेघवाल निवासी नगली निर्वाण, भगीरथ पुत्र गणेश मेघवाल नगली  दीप सिंह,प्रताप सिंह पुत्र अनुज सिंह राजपूत  छावसरी, जमालुद्दीन पुत्र बाबूखा  कुरेशी,निवासी कैद,,के  विरुद्ध आरोप पत्र  न्ययालय में शामिल किया गया।मुल्जिमान के पैरवी करने वाले  विद्वान अधिवक्ता रणवीर सिंह शेखावत की ओर से न्ययालय में दलील पेश ओर अभियुक्तों  ने कोर्ट को बताया कि वो सब लोग जनहित में ग्रामीणों की  समस्याओं के समाधान करने विद्युत विभाग कार्यलय आये थे।इस संबंद में प्रकरण में सभी गवाह पक्ष द्रोही घोषित हो  गए वही तमाम गवाह इत्यादि के  मध्यनजर रखते हुवे अभियुक्तगण  आरोपित अपराध  अन्तर्गत धारा,147,353,189, भा,द,स,के में साक्ष्य के अभाव मै  अभियुक्तगणों को जमानत  मुचकले हाजरी  तारीख पेशी निरिस्त करते हुवे  दोष,मुक्त कर दिया गया। अभियुक्तगणों की पैरवी एडवोकेट रविंदर  सिंह शेखावत गिरवाड़ी की ओर से की गई।कोर्ट के फैसले में बरी  होने के बाद सुरेश मीना ओर अन्य साथियों ने मिठाइयां  खिलाकर जश्न मनाया।इस दौरान सुरेश मीना किशोरपुरा ने बताया कि हम लोगो पर एक सोची समझी साजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज  कराया गया था।जिसमे हम लोग काफी वर्ष से  कोर्ट  में हाजिर हो रहे थे ।उनका कहना था कि जन हित के लिए कितने ओर भी मुकदमे लगे तो लगे हमे परवाह नही।हमारा संघर्ष यू ही जारी रहेगा।क्योंकि हमें पता है कि होम करते ही हाथ जले तो,जले पर आखिर जीत सचाई की ही होती है।


सुमेर सिंह राव उदयपुरवाटी