गीतांजलि विद्यालय मे खसरा एवं रूबेला टीकाकरण अभियान सम्पन्न करवाया गया ।

गीतांजलि विद्यालय में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित खसरा एवं रूबेला टीकाकरण अभियान सम्पन्न करवाया गया ।
जिसमे सभी 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से टीका लगवाया गया। इसी बीच  मुकेश निर्वाण  चिकित्सक  पचपदरा, कांतिलाल सुपरवाइजर,रूपकिशोर एम एन 2, वासन्ती लखारा ए एन एम, रिंकू आशा सहयोगिनी, के सी जांगिड़, अनिता बिस्वा  रहे ।
कार्यक्रम में मुकेश निर्वाण ने बताया कि खसरा श्वसन प्रणाली में वायरस, विशेष रूप से मोर्बिलीवायरस के जीन्स पैरामिक्सोवायरस के संक्रमण से होता है। मोर्बिलीवायरस भी अन्य पैरामिक्सोवायरसों की तरह ही एकल असहाय, नकारात्मक भावना वाले आरएनए वायरसों द्वारा घिरे होते हैं। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, बहती हुई नाक, लाल आंखें और एक सामान्यीकृत मेकुलोपापुलर एरीथेमाटस चकते भी शामिल है।
साथ ही विद्यालय संचालक मुकेश प्रजापत ने बताया कि विद्यालय  में अभियान पूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ, साथ ही बताया कि विकसित देशों में स्वस्थ लोगों में खसरे की वजह से मौत की दर प्रति हज़ार में तीन मौतें या 0.3% है। अविकसित देशों में कुपोषण और बुरी स्वास्थ्य सेवा की अधिकता की वजह से मृत्यु दर 28% की ऊंचाई तक पहुंच गयी है। केंद्र सरकार द्वारा ये एक बेहतरीन कदम है जो बच्चों के जीवन को गम्भीर बीमारी से बचने  हेतु आवश्यक है,।।
इसी बीच विद्यालय के  प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह ने बच्चों के अभिभावकों को धन्यवाद अर्पित किया एवं जानकारी दी की भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक लाख बच्चों की मौत खसरा रोग से होती है। यह रोग वायरस के कारण फैलता है। बच्चों में वायरस को रोकने की कम क्षमता होने के कारण उनमें जल्द फैलती है। रुबेला एक व्यक्ति के खांसने या छींकने से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यानि यह बीमारी हवा में काफी तेजी से फैलाती है। इसका वायरस सिर्फ इंसानों से ही फैलता है। रुबेला तेजी से फैलने वाली बीमारी है । इस कार्यक्रम में विद्यालय के अभिभावक एवं समस्त अध्यापक मौजूद रहे ।